Haryana Ration card update : हरियाणा के बीपीएल (BPL) और एएवाई (AAY) राशन कार्ड उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जिन उपभोक्ताओं को अभी तक सरसों का तेल नहीं मिल पाया था, उन्हें 21 अक्तूबर से 3 महीने का सरसों का तेल मिलेगा। जी हां, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सरसों के तेल के वितरण की व्यवस्था में बदलाव किया है।
अब हरियाणा के करीब 39.89 लाख बीपीएल और एएवाई परिवारों को सरसों का तेल छोटी और सुविधाजनक पैकिंग में उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने जो योजना बनाई है, उसके मुताबिक पहले जहां दो लीटर तेल एकमुश्त देने की व्यवस्था थी लेकिन अब अब 500 एमएल, 1 लीटर और 1.5 लीटर की पैकिंग में तेल उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली गई है। इससे लाभार्थी को जरूरत अनुसार जितना तेल चाहिए होगा, वह उतने की पैकिंग ले सकेगा।
जिन राशन कार्ड उपभोक्ताओं को अगस्त, सितंबर व अक्तूबर 2026 का सरसों का तेल नहीं मिल पाया है, उन्हें अब 21 अक्तूबर को सरसों का तेल मिलने की संभावना है। इन तीन महीनों के लिए करीब 104 लाख लीटर सरसों का तेल वितरण करने का आदेश है।
विभाग की ये रहेगी पूरी प्रक्रिया
विभाग के अनुसार 10 से 15 अक्तूबर के बीच में कॉनफेड के फोकल प्वाइंटों पर सरसों के तेल की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद 15 से 20 अक्टूबर के बीच ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों के माध्यम से तेल की बोतलों को संबंधित राशन डिपो तक पहुंचाया जाएगा। 21 अक्तूबर से राशन डिपो होल्डरों के माध्यम से लाभार्थियों को सरसों के तेल का वितरण शुरू किया जाएगा। लंबित तेल भी वितरित किया जाएगा।
खुले तेल के वितरण पर रोक
सरसों के तेल की गुणवत्ता और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पैकिंग को लेकर भी सख्ती की गई है। डिपो पर खुली या बिना सील वाली बोतल वितरित नहीं की जाएगी। तेल की पैकिंग पर Not for Sale – For PDS Only अंकित रहेगा, ताकि यह स्पष्ट रहे कि तेल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभार्थियों के लिए है। तेल की आपूर्ति निर्धारित मानकों के अनुसार पैकिंग में की जाएगी और संबंधित बोतलों पर आवश्यक विवरण दर्ज रहेगा।
जिला वाइज होगी जांच
खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा डिपो पर भेजे गए सरसों के तेल की गुणवत्ता और निर्धारित मात्रा की निगरानी के लिए जिलास्तर पर जांच व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। विभाग की ओर से गठित कमेटियां समय-समय पर तेल की गुणवत्ता और मात्रा की जांच करेंगी, ताकि राशन डिपो के माध्यम से वितरित होने वाले सरसों के तेल में गुणवत्ता संबंधी शिकायतों और अनियमितताओं पर निगरानी रखी जा सके। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रदेश के करीब 39.89 लाख बीपीएल और एएवाई परिवारों को अगस्त, सितंबर और अक्टूबर का लंबित सरसों तेल कोटा उपलब्ध कराया जाएगा।




