Haryana roadways : जींद से चंडीगढ़ व गुरुग्राम जैसे लंबे रूटों पर चलने वाली एसी बसों में ज्यादातर स्टापेज पर किराया राउंड फिगर में नहीं है और न ही इस बसों में विद्यार्थियाें व अन्य यात्रियों के रियायती पास मान्य हैं। वहीं अन्य यात्रियों को एसी बसों में साधारण बसों की अपेक्षा किराया ज्यादा देना पड़ता है।
हालांकि एसी बस वातानुकूलित हैं और इसमें यात्रियों के लिए फ्रेशनर व डस्टबिन जैसी सुविधाएं भी हैं। वहीं एसी बसों में रियायती पास मान्य नहीं होने पर जरूरतमंद यात्रियों को एसी बसों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जींद डिपो में इस समय 10 एसी बस हैं, जिसमें से सात जींद उपकेंद्र, दो बस सफीदों और एक बस नरवाना उपकेंद्र में है। जींद से नौ बजकर 20 मिनट पर चंडीगढ़, 12 बजे चंडीगढ़ और दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर चंडीगढ़ के लिए एसी बस जाती है।
वहीं सात बजकर 50 मिनट, 11 बजकर 20 मिनट, 12 बजकर 35 मिनट व दो बजकर 10 मिनट पर गुरुग्राम के लिए एसी बस की सुविधा है। यात्री एसी बसों में रियायती बस पास लागू करने की मांग कर रहे हैं। साधारण रोडवेज बसों में सरकारी, अर्ध-सरकारी, बोर्ड और निगमों के कर्मचारियों को रियायती मासिक पास की सुविधा मिलती है। मान्यता प्राप्त स्कूलों, कालेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए रियायती या विशेष मासिक पास जैसे छात्रों के लिए निर्धारित एक तरफ किराये की दरें का प्रावधान होता है।
Haryana roadways : 40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग के लिए फ्री टिकट की सुविधा
40 प्रतिशत या उससे अधिक की दिव्यांगता वाले यात्रियों के लिए रियायती या मुफ्त यात्रा पास-टिकट की सुविधा दी जाती है। साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में सहायक के लिए भी छूट होती है। वहीं वरिष्ठ नागरिक को किराए में छूट या रियायती पास दिए जाते हैं, लेकिन यह सभी सुविधाएं एसी बस में यात्रियों को नहीं मिल पाती।
इलेक्ट्रिक बसों में विद्यार्थियों के लिए निश्शुल्क यात्रा की सुविधा मिल गई है। हालांकि जींद डिपो में कोई इलेक्ट्रिक बस नहीं है। पानीपत डिपो से चार इलेक्ट्रिक बस जींद आती हैं। पहली इलेक्ट्रिक बस दोपहर बाद तीन बजकर 50 मिनट, दूसरी बस चार बजकर 50 मिनट, तीसरी बस पांच बजकर 20 मिनट और चौथी बस शाम पांच बजकर 50 मिनट पर जींद से पानीपत के लिए रवाना होती है।
एसी व इलेक्ट्रिक बसों में भी यात्रियों व कर्मचारियों के मान्य होनी चाहिए रियायती सुविधा
एसी बसों में वरिष्ठ नागरिकों व छोटे बच्चों का पूरा किराया लगता है। इसके अलावा रोडवेज स्टाफ कर्मचारी को भी एसी बस में अगर ड्यूटी समाप्त करने के बाद घर जाना पड़े तो उन्हें भी किराया देना पड़ता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों में भी केवल विद्यार्थियों के पास मान्य है। यात्रियों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए चाहिए कि एसी व इलेक्ट्रिक बसों में साधारण रोडवेज बसों की तरह रियायती सुविधा लागू की जाए।
–संदीप रंगा, राज्य कार्यकारी महासचिव, रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ
Haryana roadways : एसी बसों में किराया नहीं हुआ राउंड फिगर में
एसी बसों में किराया राउंड फिगर में नहीं है। मुख्यालय से ही एसी बसों में किराया राउंड फिगर में होगा। इसके अलावा न ही एसी बसों में किसी प्रकार के रियायती पास मान्य हैं। अगर एसी बसों में किराया राउंड फिगर में हो जाएगा तो यात्रियों को अवगत करवा दिया जाएगा। रोडवेज का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सके।
–सुनील पूनिया, डीआइ बस स्टैंड जींद।




