Haryana Land Record System : हरियाणा में जमीन रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और विवाद रहित बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब फर्द (जमीन रिकॉर्ड) में ‘काश्तकार’ की जगह सीधे ‘मालिक’ का नाम दर्ज किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और वास्तविक मालिक को स्पष्ट अधिकार देना है।
बता दें कि पहले फर्द में कई बार काश्तकार का नाम दर्ज होता था, जिससे वास्तविक मालिक की पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती थी। अब नए आदेशों के तहत रिकॉर्ड में सीधे मालिक का नाम दर्ज होगा, जिससे जमीन की खरीद-फरोख्त और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं आसान होंगी। सरकार और रेवेन्यू डिपार्टमेंट का मानना है कि इस कदम (Land Record System) से पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
Land Record System : भू राजस्व अधिनियम की धारा-32 में संशोधन
भू-राजस्व अधिनियम की धारा-32 में संशोधन के बाद यह बदलाव लागू किया गया है। इसके तहत प्रदेश की सभी तहसीलों में रिकॉर्ड अपडेट करने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने रिकॉर्ड को भी चरणबद्ध तरीके से ठीक किया जाए, ताकि कहीं भी काश्तकार और मालिक को लेकर कोई भ्रम न रहे।
हांसी जिला प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी और लोगों को उनकी संपत्ति पर स्पष्ट अधिकार मिलेगा। साथ ही, भविष्य में जमीन की रजिस्ट्री, इंतकाल और अन्य राजस्व कार्यों में भी पारदर्शिता बनी रहेगी।
Land Record System : जमीन की खरीद फरोख्त, इंतकाल जैसे काम में आएगी पारदर्शिता
नई व्यवस्था के अनुसार, पहले फर्द में कॉलम नंबर 5 (काश्तकार) में जमीन बेचने वाले का नाम और कॉलम नंबर 4 (मालिक) में पुराने (Land Record System) मालिक का नाम चलता रहता था, जिससे असली मालिक की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। अब तहसीलदार और पटवारी रिकॉर्ड में सीधे मालिक का नाम दर्ज करेंगे।
इस फैसले से जमीन की खरीद-फरोख्त, इंतकाल और अन्य राजस्व कार्यों में पारदर्शिता आएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही, जमीन से जुड़े विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
