Haryana NCR New Vehicle Policy : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल हरियाणा के 14 जिलों में बीएस- 3 श्रेणी तक के वाहनों पर रोक के लिए सरकार दिल्ली की तर्ज पर पॉलिसी बना रही है। दिल्ली में बीएस-3 श्रेणी के चार पहिया वाहन चलाने पर 10 हजार और दोपहिया वाहन पर 5 हजार रु. जुर्माना है। दूसरी बार पकड़े जाने पर वाहन जब्त किया जाता है।
सूत्रों के अनुसार हरियाणा में भी ऐसे वाहनों पर 5 से 10 हजार रु. जुर्माने और जब्ती की कार्रवाई की तैयारी है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने पॉलिसी बनाकर सरकार को भेज दी है। इस पर मुहर लगते ही कार्रवाई शुरू होगी। यानी बीएस 3 श्रेणी तक के वाहन दूसरी बार में जब्त होने के बाद सीधे स्क्रैप किए जाएंगे।
बता दें कि बीएस-3 वाहन अप्रैल 2005 से अप्रैल 2017 तक बने व बेचे गए। वहीं, एनसीआर में लोगों को बीएस- 4 वाहन भी बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 2020 तक बीएस-4 श्रेणी के वाहन आए। ऐसे में समय कम होने पर सरकार इन्हें धीरे-धीरे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। बता दें कि एनसीआर में जिलों में बीएस-4 या उससे पुराने वाहन स्क्रैप कराकर नए खरीदने पर रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट है।
NCR New Vehicle Policy : एनसीआर में हरियाणा के 14 जिलें, 1 लाख 50 हजार से ज्यादा बीएस-3 वाहन
एनसीआर में हरियाणा के 14 जिले आते हैं, जिनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी, पानीपत, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद करनाल शामिल हैं। प्रदेश का लगभग 57 प्रतिशत हिस्सा यानि कुल 44,212 वर्ग किलोमीटर में से 25,327 वर्ग किलोमीटर (57.28 प्रतिशत) क्षेत्र एनसीआर में है। इन जिलों में बीएस- 3 श्रेणी के करीब 1.5 लाख वाहन हैं। इनमें 81,079 ट्रक और 15,362 बसें भी शामिल हैं।
NCR New Vehicle Policy : एनसीआर का दायरा कम करने पर हुआ था विचार
दिल्ली एनसीआर का दायरा कम करने को लेकर हरियाणा सरकार का विचार था और इस पर फाइल भी चली लेकिन यह प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया। अगर एनसीआर का दायरा कम हो जाता तो जींद, करनाल, पानीपत, भिवानी समेत कई जिले एनसीआर से बाहर हो जाते। दरअसल लोगों ने भी डिमांड की थी कि उन्हें एनसीआर से बाहर किया जाए, क्योंकि एनसीआर के अनुरूप उन जिलों में विकास नहीं हो पाया है।




