Haryana News : हरियाणा में 2 सरपंच सस्पेंड, श्मशान घाट, तालाब की जमीन पर कागजों पर लहलहाई फसल

Haryana News sarpanch suspend : करनाल। हरियाणा में पंचायती स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। गांव में तालाब की जमीन, श्मशान की जमीन यहां तक कि गैर कास्त योग्य जमीन पर कागजों में फसल लहलहाती दिखा दी लेकिन हकीकत में यहां फसल संभव ही नहीं है। इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आने पर डीसी ने दो सरपंचों को सस्पेंड कर दिया है। मामला करनाल जिले का है।

करनाल में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सरकारी, गैर काश्त योग्य जमीन को रिकॉर्ड में खेती योग्य दिखाकर फर्जी तरीके से फसल दर्ज करने का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि श्मशान घाट, स्कूल परिसर, गौचरान और अन्य गैर मुमकिन जमीनों को भी गेहूं और धान की खेती वाली भूमि के रूप में दर्ज किया गया। मामले में कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने करनाल जिले के गांव अमुपुर के सरपंच और गांव सांभली के सरपंच को सस्पेंड किया है।

Haryana News : पंचायतों की चल-अचल संपत्ति पर बहुमत वाले पंच बैठाए

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दोनों ग्राम पंचायतों की चल और अचल संपत्तियों का प्रभार फिलहाल बहुमत प्राप्त पंचों को सौंपा जाएगा। वहीं, पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए नीलोखेड़ी के एसडीओ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन ने उन्हें 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

Haryana News Karnal Sarpanch suspended Ampur Village Sambhli
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Haryana News : यूं खुला पूरा मामला

करनाल जिले के गांव सांभली निवासी पंच बलराज शर्मा ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पंचायत प्रतिनिधियों ने गैर काश्त, बंजर और गैर मुमकिन जमीन को भी “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर खेती योग्य दर्शाकर फसल पंजीकरण कराया। आरोप यह भी है कि सरकारी जमीन पर कागजों में फसल दिखाकर उसे मंडियों में बेचने तक की प्रक्रिया पूरी की गई, जिससे आर्थिक लाभ हासिल किया गया।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि एक आढ़ती और उसके परिवार के सदस्यों को किसान दर्शाकर पोर्टल पर पंजीकरण किया गया, जबकि वास्तविक खेती करने वाले लोग अलग थे। प्रशासन को आशंका है कि इस फर्जी पंजीकरण के जरिए सरकारी योजनाओं, फसल बिक्री और अन्य कृषि लाभों का अनुचित फायदा उठाया गया।

Haryana News : जिला प्रशासन ने करवाई जांच तो खुली मामले की परत

शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके बाद संबंधित पक्षों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया और पूरी प्रक्रिया के बाद प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई लागू की।

जांच रिपोर्ट में गांव अमुपुर की करीब 94 एकड़ पंचायत भूमि का उल्लेख किया गया है। इसमें कई एकड़ जमीन गैर काश्त और गैर मुमकिन श्रेणी में पाई गई, जहां खेती संभव ही नहीं थी। इसके बावजूद पूरी जमीन को एक ही व्यक्ति के नाम पर पोर्टल में दर्ज कर दिया गया। इसी प्रकार गांव सांभली में भी गैर खेती योग्य भूमि को फसल रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की पुष्टि हुई है।


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