Haryana news : गांवों में 5 लाख तक के विकास कार्यों के नियम बदले, लेबर रेट तय, नोटिस लगाना जरूरी

Haryana news today : हरियाणा में बुनियादी सुविधाओं के निर्माण और विकास कार्यों को लेकर राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर यह देखने में आता था कि नाली, रास्ते, चौपाल, स्कूल की मरम्मत या अन्य सामुदायिक निर्माण कार्यों में बजट का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता था या टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रह जाती थी।

इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए विकास एवं पंचायत विभाग ने 9 मई 2023 के गजट नोटिफिकेशन का सख्ती से पालन कराने के नए निर्देश जारी किए हैं। सरकार द्वारा जारी सख्त आदेशों के अनुसार अब गांवों में 5 लाख रुपए तक के जितने भी विभागीय कार्य होंगे वे केवल लेबर रेट्स (श्रम दरों) के आधार पर ही कराए जाएंगे।

इसका सीधा मतलब यह है कि निर्माण सामग्री की खरीदारी में पारदर्शिता रहेगी और केवल मजदूरी के काम के लिए ही कोटेशन आमंत्रित किए जाएंगे। इस व्यवस्था से न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग रुकेगा, बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

Haryana news : पारदर्शिता और कड़े नियम नोटिस बोर्ड पर दिखेगी जानकारी

कोटेशन आमंत्रित करने का नोटिस पंचायत और समिति कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से लगाना अनिवार्य होगा, ताकि कोई भी ग्रामीण इसे देख सके। ऑडिट के लिए कोटेशन रजिस्टर हर पंचायत और कार्यालय में एक विशेष कोटेशन रजिस्टर बनाया जाएगा, जिसमें हर टेंडर की एंट्री दर्ज होगी। यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा और उस पर सख्त विभागीय गाज गिरेगी।

Haryana News Rules village development works changed labor rates fixed
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कामों को टुकड़ों में बांटने और बजट बढ़ाने का खेल बंद
सरकार ने ग्रामीण विकास कार्यों में अक्सर ई-टेंडरिंग या सख्त नियमों से बचने के लिए किसी बड़े काम को 5 लाख रुपए से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया जाता था। सरकार ने इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कार्य आदेश की राशि में अनधिकृत बढ़ोतरी या काम को भागों में बांटना पूरी तरह गैर-कानूनी होगा।

Haryana news : तीन स्तरों पर कमेटियां तय करेंगी मजदूरी की नई दरें

ग्राम पंचायत स्तर : इसमें गांव के सरपंच, ग्राम सचिव, जेई और सामाजिक शिक्षा पंचायत अधिकारी शामिल होंगे। काम का वर्क ऑर्डर सरपंच और ग्राम सचिव द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाएगा।

पंचायत समिति स्तर : ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति के अध्यक्ष, बीडीपीओ और संबंधित ब्लॉक के एसडीओ मिलकर दरें तय करेंगे और वर्क ऑर्डर जारी करेंगे।

जिला परिषद स्तर : जिला स्तर के कार्यों के लिए जिला परिषद अध्यक्ष, सीईओ और पंचायती राज के एक्सईएन की कमेटी न्यूनतम दरें फाइनल करेगी।

हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल से जुड़े सरकारी संगठनों के लिए कार्यों के ऑफलाइन आवंटन और उसके बाद की गतिविधियों के बजाय पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देशों के अनुपालन पर जोर दिया गया है। इससे प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
-मंजू हुड्डा, चेयरपर्सन, जिला परिषद रोहतक।

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