Haryana News : जींद मेंवहन आयुक्त के आदेश के बाद भी परिवहन समिति के कर्मचारी बाज नहीं आ रहे हैं। परिवहन समिति की बसों में बुजुर्गों व विद्यार्थियों से किराया वसूलने के मामले आ रहे हैं। 4 मई को जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय जींद में चंडीगढ़ परिवहन आयुक्त हरियाणा कार्यालय की ओर से हिसार निवासी अशोक कुमार से जींद हांसी रूट पर चलने वाली एक प्राइवेट बस में बुजुर्ग यात्री से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। ऐसे में अब बस संचालक से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अगर बस संचालक स्पष्टीकरण नहीं देता है तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट व स्टेज कैरिज परमिट स्कीम के अंतर्गत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। बता दें कि बता दें कि परिवहन समिति की बसों में बुजुर्गों व विद्यार्थियों के रियायती पास मान्य होने को लेकर परिवहन आयुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के नाम पत्र जारी किया था। जारी पत्र में कहा गया कि स्टेज कैरिज स्कीम 2016 के अंतर्गत परमिट के अनुसार यह स्पष्ट किया गया है कि परमिट धारक छात्रों व रियायती और मुफ्त पास धारकों को अपनी बसों में उसी तरह लेकर जाने के लिए बाध्य होंगे।
Haryana : रोडवेज बसों में जो पास लागू, वहीं प्राइवेट में लागू करने के आदेश
जिस तरह हरियाणा रोडवेज की बस करती हैं या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जो प्रावधान किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्राइवेट बस के चालक व परिचालक बुजुर्गों व विद्यार्थियों से किराया वसूल रहे हैं। पिछले दिनों जींद से गोहाना रूट पर चलने वाली एक बस चालक द्वारा भी विद्यार्थियों पर बस चढ़ाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद जिला परिवहन अधिकारी द्वारा इस बस चालक के खिलाफ चार हजार रुपये का चालान किया गया था। इसके बाद एक मई को स्पेशल चेकिंग अभियान चलाया गया।
इस दौरान 18 बसों को चेक किया गया और सात बस में परिचालक के पास लाइसेंस, नंबर प्लेट के साथ बुजुर्गों व विद्यार्थियों के रियायती बस पास मान्य होने के बावजूद उनसे टिकट लेने पर सात बसों पर 64 हजार रुपये का चालान किया गया। वहीं दाे मई को 22 बसों की जांच की गई थी, जिसमें से चार बसों पर 54500 रुपये का चालान किया गया था।
जींद से हांसी रूट पर चलने वाली बस में एक बुजुर्ग यात्री से परिवहन समिति के संचालक द्वारा ज्यादा किराया मांगने की शिकायत प्राप्त हुई है। बस संचालक को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। अगर वह उचित जवाब नहीं दे पाया तो बस संचालक के खिलाफ स्टेज कैरिज स्कीम व वोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
–बलजीत सिंह, इंस्पेक्टर, जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय
