Jind news : हरियाणा के जींद में जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम द्वारा जुलाना क्षेत्र में स्कूली बसों की जांच का अभियान चलाया गया। इस दौरान छह स्कूलों में 13 बसों की जांच की गई। एक बस में टैक्स, परमिट, पीयूसी, फर्स्ट एड बाक्स नहीं मिलने पर 27 हजार रुपये का चलाना कर इंपाउंड किया गया।
इससे पहले 10 सितंबर को स्कूली बसों की जांच नहीं हो पाई थी। वहीं तीन सितंबर को पांच स्कूलों में चार बसों की जांच हुई थी। एक बस में इंश्योरेंस व फर्स्ट एड बाक्स की कमी के चलते तीन हजार रुपये का चलान किया गया। जबकि पिछले 27 अगस्त को जुलाना ब्लाक में चार स्कूलों की 14 बसों की जांच हुई थी। उस समय सभी निर्धारित मानक पूरा होने के कारण कोई चालान नहीं किया गया।
सप्ताह में हर वीरवार को जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय टीम स्कूली बसों की जांच को लेकर अभियान चलाती है। जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से इंस्पेक्टर, एमवीआइ, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाता है। जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है, जिसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, सहित चालक व परिचालकों के लाइसेंस की जांच की जाती है।

Jind news : जींद जिले में चल रहे 350 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल
जिले में 350 से ज्यादा निजी स्कूल हैं। इसमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल व घर पर ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था होती है। नियमानुसार इसमें एक सहायक भी तैनात होता है। इसके अलावा बस में जीपीएस व सीसीटीवी कैमरे भी लगे होना अनिवार्य होते हैं। बस का परमिट व चालक के पास हैवी लाइसेंस जैसे कागजात भी जरूरी होते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक कई बार इन नियमों का पालन नहीं करते।
बस भी ज्यादा स्पीड में चलाते हुए पाए जाते हैं, जिससे सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसे में हर वीरवार को जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम द्वारा बसों की जांच की जाती है और जांच के दौरान खामियां पाए जाने पर चालान किया जाता है।
Jind news : लगातार जारी रहेगा स्कूली बसों की जांच का अभियान
स्कूली बसों की जांच के लिए हर वीरवार को अभियान चलाया जाता है। जांच के दौरान जो-जो कमियां पाई जाती हैं, उस आधार पर बसों का चालान किया जाता है। इस सप्ताह एक बस को इंपाउंड कर 27 हजार रुपये का चलान किया गया है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बसों की जांच कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा मुहैया करवाना है।
–बलजीत सिंह, इंस्पेक्टर जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय
