Haryana roadways tyre shortage : हरियाणा रोडवेज के बेड़े में बसों के लिए टायरों का टोटा नजर आ रहा है। लगभग सभी डिपो में टायरों के अभाव में बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं और खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि बसों के चक्कर मिस हो रहे हैं।
जींद डिपो की बात करें या फिर हिसार डिपो, भिवानी, डिपो, लोहारू डिपो, हांसी उिपो और तोशाम डिपो, सभी में कई नई बसें वर्कशॉप में टायरों के अभाव में रिमों पर खड़ी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी छात्र-छात्राओं को हो रही है, क्योंकि सुबह के समय बसों की संख्या कम होने के चलते उन्हें शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं।
हमने जींद से पानीपत रूट, नरवाना से हिसार रूट पर जाकर देखा तो कई-कई देर में बसें मिल रही हैं तो वहीं समय के अनुसार बसें नहीं आने का कारण इन्क्वायरी से पूछा गया तो यह पता चला कि टायरों की कमी के कारण कई बसों के पहिए थमे हुए हैं। तोशाम डिपो में 7 बसें रीमों पर वर्कशाप में खड़ी हैं। 2-3 बसें वैसे खराब रहती हैं। करीबन 10 बसें खड़ीं होने कारण काफी रूट प्रभावित हो रहे हैं। जिसके कारण यात्रियों, छात्र-छात्राओं को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।
कुछ बसें कंडम टायरों के साथ दौड़ रही हैं जिनके संचालन से सवारियों, चालक व परिचालक के लिए खतरा बना हुआ है। तोशाम डिपो में 43 हैं। इन बसों द्वारा चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम, खाटू श्याम, भिवानी, हिसार, हांसी, सिवानी, लोहारू, बहल सहित अन्य लोकल रूटों पर चलाई जाती हैं। रोडवेज बसों के संचालन से तोशाम सब डिपो में करीबन चार लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। 10 बसें खड़ी होने के कारण करीबन 10 रुट प्रभावित हो गए हैं।
अब स्थिति यह है कि रोडवेज के पास सात बसों के संचालन के लिए टायर नहीं है। 2-3 बस वैसे खराब खड़ी रहती हैं। 10 बसें कम होने से यात्रियों को उनके गन्तव्य तक पहुंचने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। रोडवेज बसों की समय पर मेंटिनेंस नहीं होने, पुराने एवं खराब टायर समय पर नहीं बदले जाने तथा पर्याप्त संख्या में फिट बसें उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों और बस कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Haryana roadways : समय रहते समस्या का समाधान करना जरूरी
पर्यटन विकास मंच के चेयरमैन राजेश गारनपुरा ने कहा कि यात्री बस के दरवाजे और सीढ़ियों पर लटककर सफर कर रहे हैं। ऐसी स्थिति कभी भी बड़े हादसे कारण बन सकती है। हादसा होने के बाद जिम्मेदारी तय करने के बजाय समय रहते समस्य टायरों की कमी के कारण कई बसें समाधान करना जरूरी है। बसों में रूटों पर नहीं दौड़ पा रही हैं जिससे उपलब्ध बसों पर यात्रियों का दबाव बढ़ रहा है। इसका खामियाजा आम यात्रियों और बसों में टायर नहीं होने से चालक-परिचालकों को भुगतना पड़ रहा है। गारनपुरा ने सरकार और रोडवेज विभाग से जल्द समाधान की मांग की है।
रोडवेज डीआई कर्मबीर का कहना है कि बसों में टायर नहीं होने के कारण पूरी बसें नहीं चल पा रही हैं इसलिए यात्री परेशान हो रहे हैं। जब टायर उपलब्ध हो जाएंगे तब सभी मार्गों पर सभी बसें चला दी जाएंगी।




