Haryana Roadways : हरियाणा राज्य परिवहन (रोडवेज) में पिछले 18 वर्षों से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे परिचालक (कंडक्टर) रिटायरमेंट की दहलीज पर आ गए हैं लेकिन अभी तक इनका प्रमोशन नहीं हो पाया है।
परिवहन विभाग में उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) के प्रदेशभर में करीब 900 पद खाली होने के बावजूद वर्ष 2008 बैच के परिचालकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसे लेकर परिचालकों में काफी रोष है और उन्होंने महानिदेशक के नाम महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर जल्द पदोन्नति सूची जारी करने की गुहार लगाई है।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के डिपो प्रधान नरेंद्र पांचाल की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जीएम सुमिंद्र कुमार से मिला। कर्मचारियों ने अपने पत्र में बताया कि वर्ष 2008 में परिवहन विभाग में प्रदेश में लगभग 1910 परिचालकों की भर्ती हुई थी। लगभग 18 साल से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी वे अपनी मूल फीडर पोस्ट (परिचालक) पर ही कार्य करने को विवश हैं।

Haryana Roadways : समय पर नहीं हो पाई पदोन्नति
समय पर पदोन्नति न होने के चलते इस बैच के कई परिचालक बिना किसी तरक्की का लाभ पाए ही सेवानिवृत्त (रिटायर) भी हो चुके हैं। यदि विभाग ने जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया तो कई और वरिष्ठ कर्मचारी भी अपनी मूल पोस्ट से ही रिटायर होने को मजबूर हो जाएंगे। प्रधान ने कहा कि कुरुक्षेत्र डिपो में भी इस बैच के काफी कर्मचारी कार्यरत है। जो इस तरह के लाभ से अभी तक वंचित है। कहा कि सरकार और विभाग को इसकी तरफ ध्यान देना चाहिए।
Haryana Roadways : प्रदेश भर में 600 से ज्यादा कंडक्टर
परिचालकों ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि उनकी पदोन्नति होने से विभाग में परिचालन व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वर्ष 2008 बैच के 600 से अधिक वरिष्ठ परिचालक वर्तमान में उपनिरीक्षक के रिक्त पदों पर ही ड्यूटी दे रहे हैं। वहीं वर्ष 2012 और 2018 बैच के लगभग 650 परिचालक और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे परिचालक अन्य ड्यूटी पर कार्यरत हैं, जिससे रूटों पर बसों के संचालन में कोई कमी नहीं आएगी। वरिष्ठता और एसीपी स्केल के कारण पदोन्नति करने से विभाग पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा।
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