Haryana ACB Raid : हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मंगलवार देर शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए RTO इंस्पेक्टर को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामले में उसके सहायक की भी संलिप्तता मिली, जिसके बाद उसे भी तुरंत काबू कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आरटीओ इंस्पेक्टर राकेश राणा और सहायक सचिव मनीष मदान शामिल हैं, जिन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा। बता दें कि मामले की शुरुआत एक ट्राला मालिक की शिकायत से हुई, जिसने एसीबी (ACB Raid) को बताया कि उसके वाहन का चालान आरटीओ विभाग द्वारा किया गया था।
चालान जमा करवाने के लिए जब वह कन्हेली स्थित आरटीओ कार्यालय (RTO Office) पहुंचा, तो वहां उसकी मुलाकात निरीक्षक राकेश राणा और सहायक सचिव मनीष मदान से हुई। शिकायत के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने चालान से राहत दिलाने के नाम पर अवैध पैसे की मांग की और धमकी दी कि अगर ‘सेटिंग’ नहीं की गई तो उसकी गाड़ियों के लगातार चालान किए जाएंगे।
ACB Raid : प्रति गाड़ी तय किया गया मासिक रिश्वत का रेट
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने प्रति गाड़ी 7 हजार रुपये प्रति माह रिश्वत की मांग रखी। उसके और उसके सहयोगियों के पास करीब 150 वाहन हैं, जिसके आधार पर कुल रिश्वत राशि 10.5 लाख रुपये प्रतिमाह बैठती थी। बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटाकर 8 लाख रुपये प्रति माह तय की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह पहले ही 5.5 लाख रुपये आरोपियों को दे चुका था।
ACB Raid : एक लाख रुपये लेते हुए पकड़े गए आरोपी
एसीबी ने शिकायत की पुष्टि के बाद एक विशेष रेडिंग टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने महर्षि दयानंद कॉलोनी में जाल बिछाकर निरीक्षक राकेश राणा को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर सहायक सचिव मनीष मदान को भी गिरफ्तार किया गया।
ACB Raid : मामला दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
दोनों आरोपियों के खिलाफ एसीबी थाने में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
